
मुख्य बातें
- दिल्ली में दशमी दोपहर 2:11 बजे IST तक, फिर एकादशी।
- पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर को है।
- बुधवार के अभिजित पर स्रोतों का मतभेद स्पष्ट है।
नई दिल्ली के मुख्य Drik संदर्भ में आश्विन शुक्ल दशमी दोपहर 2:11 बजे IST तक है, फिर एकादशी शुरू होती है। किसी तिथि का दिन के बीच में शुरू होना और उस व्रत की निर्धारित तारीख एक ही बात नहीं है।
Drik का पापांकुशा एकादशी पन्ना व्रत गुरुवार, 22 अक्टूबर बताता है। उसी पन्ने में एकादशी समाप्ति 22 अक्टूबर दोपहर 2:47 बजे IST है। आज तैयारी करें, लेकिन सिर्फ तिथि लगने का समय देखकर व्रत की तारीख न बदलें।
पंचांग के पाँच अंग — नई दिल्ली, IST
वार बुधवार है। नक्षत्र धनिष्ठा शाम 7:47 बजे तक, फिर शतभिषा है। योग गण्ड 22 अक्टूबर 00:33 बजे तक, फिर वृद्धि है। करण गर दोपहर 2:11 बजे तक, फिर वणिज 22 अक्टूबर 02:35 बजे तक, उसके बाद विष्टि है। ये पाँच अंग Drik की दैनिक सूची से हैं।
यहाँ 22 अक्टूबर 00:33 और 02:35 का अर्थ 21–22 अक्टूबर की मध्यरात्रि के बाद है। तारीख बदले हुए इन समयों को 21 अक्टूबर की दोपहर या 22 अक्टूबर की अगली रात न समझें।
दिल्ली का सूर्योदय और राहुकाल
Drik के अनुसार सूर्योदय सुबह 6:25 और सूर्यास्त शाम 5:46 बजे IST है। राहुकाल दोपहर 12:06–1:31 बजे है। यमगण्ड सुबह 7:50–9:15 और गुलिक सुबह 10:40–दोपहर 12:06 बजे है।
ये समय नई दिल्ली के हैं। किसी दूसरे शहर की पूजा या यात्रा की तैयारी में उसी शहर की घड़ी देखें। शुभ-अशुभ वर्गीकरण धार्मिक परंपरा का हिस्सा है; इससे किसी निश्चित लाभ या सफलता का निष्कर्ष नहीं निकलता।
बुधवार को अभिजित: दोनों स्रोत अलग क्या बताते हैं?
नई दिल्ली की Drik दैनिक सूची में आज अभिजित के सामने None यानी उपलब्ध नहीं है। इसके विपरीत DivyaPanchang का दिल्ली पन्ना सुबह 11:42–दोपहर 12:28 बजे की अवधि देता है। इसलिए इस अंक में उस अवधि को सभी परंपराओं के लिए निर्विवाद शुभ समय नहीं बताया गया है।
एक स्रोत में मध्याह्न की गणना की अवधि दिखना और दूसरे में उसे शुभ अभिजित के रूप में न चुनना अलग बातें हैं। अपनी मान्य पंचांग-पद्धति लगातार पढ़ें। नीचे अन्य शहरों में दिए DivyaPanchang के अभिजित समय भी इसी स्रोतांतर के साथ समझें।
जयपुर के स्थानीय समय — IST
DivyaPanchang की 21 अक्टूबर की जयपुर सूची: सूर्योदय सुबह 6:29, सूर्यास्त शाम 5:53 बजे। राहुकाल दोपहर 12:11–1:36 बजे। अभिजित की गणना सुबह 11:48–दोपहर 12:34 बजे दी है; बुधवार पर ऊपर बताया स्रोतांतर ध्यान में रखें।
मुंबई के स्थानीय समय — IST
DivyaPanchang की मुंबई सूची: सूर्योदय सुबह 6:34, सूर्यास्त शाम 6:11 बजे। राहुकाल दोपहर 12:23–1:50 बजे। अभिजित की गणना सुबह 11:59–दोपहर 12:46 बजे है; इसे बुधवार के लिए सर्वसम्मत शुभ अवधि न मानें।
कोलकाता के स्थानीय समय — IST
DivyaPanchang की कोलकाता सूची: सूर्योदय सुबह 5:35, सूर्यास्त शाम 5:06 बजे। राहुकाल सुबह 11:21–दोपहर 12:47 बजे। अभिजित की गणना सुबह 10:58–11:44 बजे है; स्रोतों का मतभेद ऊपर अलग स्पष्ट है।
बंगाल विजयादशमी और आज के क्षेत्रीय पर्व
Drik की तारीखवार उत्सव-सूची में बंगाल विजयादशमी, विद्यारंभम, मध्वाचार्य जयंती, मैसूर दशहरा और काशी भरत मिलाप हैं। इन्हें देशभर के हर मंदिर का एक जैसा कार्यक्रम न समझें। स्थानीय पूजा, विसर्जन और शोभायात्रा की घोषणा संबंधित आयोजक से देखें।
किसी क्षेत्र में दशहरा 20 अक्टूबर और दूसरे आयोजन में 21 अक्टूबर दिखना अपने-आप त्रुटि नहीं है। तिथि-निर्णय, क्षेत्रीय पद्धति और सार्वजनिक कार्यक्रम के दिन अलग हो सकते हैं। कार्यक्रम तक पहुँचने का समय उसके स्थानीय नोटिस से लें।
स्रोतों का एक मिनट का अंतर कहाँ है?
तुलना में DivyaPanchang दिल्ली की दशमी समाप्ति 2:12 दोपहर, सूर्यास्त 5:45 शाम और राहुकाल 12:05–1:30 दोपहर देता है। मुख्य Drik सूची से इनमें एक मिनट का फर्क है। नक्षत्र समाप्ति दोनों में शाम 7:47 है। इस अंक की दिल्ली सूची में Drik के समय लगातार रखे गए हैं; औसत नहीं निकाला गया है।
Prokerala का खोला गया 21 अक्टूबर का पन्ना उज्जैन का है। उसे दिल्ली के सूर्योदय या राहुकाल का स्रोत नहीं बनाया गया। उसकी गण्ड समाप्ति 22 अक्टूबर 00:32 और वणिज समाप्ति 02:36 है, जबकि Drik की दिल्ली सूची क्रमशः 00:33 और 02:35 देती है। Prokerala भी उस दिन अभिजित Nil लिखता है।
एकादशी की तैयारी और पारण अलग समझें
नई दिल्ली के सामान्य Drik व्रत-पन्ने में 23 अक्टूबर सुबह 6:27–8:42 बजे IST पारण दिया है। यह 22 अक्टूबर का व्रत रखने के बाद अगले दिन का समय है, आज का भोजन खोलने का समय नहीं। अपने संप्रदाय और स्थान का पारण अलग जाँचें।
पूजा-सामग्री और अगले दिन का अपना क्रम पहले तय करना उपयोगी है। धार्मिक आहार-नियमों के लिए परिवार या अपनी मान्य पूजा-पद्धति का मार्गदर्शन लें; तिथि की शुरुआत को हर व्यक्ति के लिए तत्काल उपवास का निर्देश न बनाएँ।
एक नज़र में
बुधवार, 21 अक्टूबर को सुबह दशमी है; दोपहर बाद एकादशी शुरू होगी। पापांकुशा व्रत की तारीख 22 अक्टूबर है। दिल्ली के मुख्य समय और दूसरे तीन शहरों की छोटी सूचियों के स्रोत स्पष्ट लिखे हैं।
सभी घड़ियाँ IST में हैं। अपने शहर का खंड देखें, अभिजित का मतभेद ध्यान में रखें और विशेष आयोजन की स्थानीय घोषणा जाँचें। पुराने पंचांग अंक संग्रह में पढ़ सकते हैं, लेकिन वे आज की समय-सूची का विकल्प नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
21 अक्टूबर 2026 को दशमी है या एकादशी?
सुबह दशमी है। मुख्य Drik संदर्भ में नई दिल्ली में दोपहर 2:11 बजे IST से एकादशी शुरू होती है।
पापांकुशा एकादशी का व्रत आज है या कल?
संदर्भित Drik व्रत-पन्ने के अनुसार व्रत 22 अक्टूबर को है। तिथि शुरू होने और व्रत की तारीख का फर्क ऊपर समझाया है।
क्या आज अभिजित मुहूर्त है?
Drik की दैनिक सूची इसे उपलब्ध नहीं बताती। DivyaPanchang मध्याह्न की अवधि देता है। इस मतभेद को छिपाकर एक निश्चित शुभ समय नहीं चुना गया है।
क्या दिल्ली का राहुकाल पूरे भारत पर लागू है?
नहीं। स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से राहुकाल भी बदलता है। अपने शहर का खंड पढ़ें।
मध्यरात्रि के बाद के समय किस तारीख के हैं?
योग और करण में 22 अक्टूबर लिखा समय 21–22 अक्टूबर की रात का है। हर समय के साथ दी गई तारीख पढ़ें।
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स्रोत और जानकारी की जाँच
समीक्षा: 21 अक्टूबर 2026। दिल्ली के पाँच अंग और मुख्य समय Drik Panchang की तारीखवार सूची से हैं। जयपुर, मुंबई व कोलकाता के स्थानीय विवरण DivyaPanchang की बताई Lahiri गणना से हैं। अभिजित और एक मिनट के स्रोतांतर अलग समझाए हैं। सभी घड़ियाँ IST में हैं। शुभ-अशुभ धार्मिक व्याख्या है, परिणाम की गारंटी नहीं।
- Drik Panchang · नई दिल्ली · 21 अक्टूबर 2026: मुख्य दैनिक सूची
- Drik Panchang · नई दिल्ली · पापांकुशा एकादशी 2026 व पारण
- DivyaPanchang · 21 अक्टूबर 2026 · दिल्ली: स्रोतांतर तुलना
- DivyaPanchang · 21 अक्टूबर 2026 · जयपुर
- DivyaPanchang · 21 अक्टूबर 2026 · मुंबई
- DivyaPanchang · 21 अक्टूबर 2026 · कोलकाता
- Prokerala · 21 अक्टूबर 2026 · उज्जैन: सीमित तुलना