आज का पंचांग 19 अक्टूबर 2026: अष्टमी से नवमी, चार शहरों के पूजा समय

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह की अष्टमी और बाद की नवमी को अलग समझना जरूरी है। कन्या पूजन की तैयारी में केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, तिथि का बदलाव और अपनी पूजा-परंपरा भी देखें। आज के अंक में नई दिल्ली मुख्य संदर्भ है; जयपुर, मुंबई और कोलकाता के स्थानीय समय अलग दिए हैं।

सुबह की रोशनी में दीये, पारंपरिक पुस्तक और पूजा पात्रों का AI-निर्मित प्रतीकात्मक चित्र
AI-निर्मित प्रतीकात्मक चित्र। यह किसी वास्तविक मंदिर, मुद्रित पंचांग या खगोलीय गणना का चित्र नहीं है। यह एक प्रतीकात्मक editorial दृश्य है; इसे किसी वास्तविक 2026 आयोजन की तस्वीर न समझें।

मुख्य बातें

  • इस अंक की मुख्य गणना DivyaPanchang के अनुसार आश्विन शुक्ल अष्टमी सुबह 10:52 बजे IST तक है; उसके बाद नवमी है।
  • Drik Panchang के जाँचे गए 19 अक्टूबर के मुंबई विवरण में अष्टमी का अंत सुबह 10:51 बजे IST है; नक्षत्र का अंत 3:38 बजे ही है।
  • नई दिल्ली: सूर्योदय सुबह 6:24 बजे और सूर्यास्त शाम 5:47 बजे।

आज अष्टमी कब तक है, नवमी कब शुरू होगी?

इस अंक की मुख्य गणना DivyaPanchang के अनुसार आश्विन शुक्ल अष्टमी सुबह 10:52 बजे IST तक है; उसके बाद नवमी है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 3:38 बजे IST तक है, फिर श्रवण। दिन का योग धृति और सूर्योदय का करण बव है। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 है।

Drik Panchang के जाँचे गए 19 अक्टूबर के मुंबई विवरण में अष्टमी का अंत सुबह 10:51 बजे IST है; नक्षत्र का अंत 3:38 बजे ही है। उस स्रोत में बव के बाद बालव तथा धृति के बाद शूल दिया है। योग और करण के समाप्ति समय मुख्य स्रोत में नहीं मिले, इसलिए यहाँ उनकी अपुष्ट समय-सारणी नहीं जोड़ी गई है।

दिल्ली के मुख्य समय — सभी IST

नई दिल्ली: सूर्योदय सुबह 6:24 बजे और सूर्यास्त शाम 5:47 बजे। राहुकाल सुबह 7:49 से 9:15 बजे तक है। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 बजे तक दिया है। ये सभी समय DivyaPanchang के 19 अक्टूबर के नई दिल्ली पन्ने से हैं।

दिल्ली को इस अंक का संदर्भ शहर रखा गया है। देश के अन्य स्थानों में इसी घड़ी पर सूर्योदय या राहुकाल होने का निष्कर्ष न निकालें। जरूरी दैनिक कामों को रोकना इन पारंपरिक अवधियों का उद्देश्य बताकर प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

DivyaPanchang · 19 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली; मुख्य समय-सूची

जयपुर के स्थानीय समय — IST

जयपुर में सूर्योदय सुबह 6:28 बजे और सूर्यास्त शाम 5:54 बजे है। राहुकाल सुबह 7:54 से 9:20 बजे तक; अभिजित मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 बजे तक है। स्रोत: DivyaPanchang, जयपुर, 19 अक्टूबर 2026।

DivyaPanchang · 19 अक्टूबर 2026 · जयपुर; मुख्य समय-सूची

मुंबई के स्थानीय समय — IST

मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:33 बजे और सूर्यास्त शाम 6:12 बजे है। राहुकाल सुबह 8:01 से 9:28 बजे तक; अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:46 बजे तक है। स्रोत: DivyaPanchang, मुंबई, 19 अक्टूबर 2026।

तुलना के लिए Drik Panchang के 19 अक्टूबर के मुंबई पन्ने में सूर्योदय 6:34 और सूर्यास्त 6:13 बजे IST मिला—मुख्य सूची से एक मिनट बाद। यह मतभेद छिपाने या औसत निकालने के बजाय दोनों स्रोतों की पहचान अलग रखी गई है।

DivyaPanchang · 19 अक्टूबर 2026 · मुंबई; मुख्य समय-सूची

कोलकाता के स्थानीय समय — IST

कोलकाता में सूर्योदय सुबह 5:34 बजे और सूर्यास्त शाम 5:08 बजे है। राहुकाल सुबह 7:01 से 8:28 बजे तक; अभिजित मुहूर्त सुबह 10:58 से 11:44 बजे तक है। स्रोत: DivyaPanchang, कोलकाता, 19 अक्टूबर 2026।

DivyaPanchang · 19 अक्टूबर 2026 · कोलकाता; मुख्य समय-सूची

महाअष्टमी, महानवमी और कन्या पूजन में क्या ध्यान रखें?

Drik Panchang की जाँची गई अक्टूबर सूची में 19 अक्टूबर को दुर्गाष्टमी, महानवमी और सरस्वती विसर्जन दर्ज हैं। सुबह अष्टमी होने और बाद में नवमी शुरू होने से एक ही नागरिक तारीख में दोनों तिथियों का संबंध समझ आता है। विशेष अनुष्ठान का निर्णय केवल इस सामान्य सूची से न करें।

कन्या पूजन अष्टमी में करना हो या नवमी में, अपने परिवार अथवा मंदिर की मान्य विधि पहले सुनिश्चित करें। नवरात्र व्रत का पारण कन्या पूजन के साथ अपने-आप तय नहीं हो जाता। संधि पूजा या विशेष हवन का अपुष्ट मिनटवार समय इस अंक में नहीं दिया गया है।

अभिजित जैसे सामान्य मुहूर्त को विवाह, गृहप्रवेश या किसी विशेष संस्कार की पूरी अनुमति न समझें। शुभ-अशुभ की व्याख्या आस्था और परंपरा का विषय है; इससे धन, स्वास्थ्य या सफलता की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जाती।

एक नज़र में

तारीख: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026। सुबह की तिथि: आश्विन शुक्ल अष्टमी; मुख्य स्रोत में 10:52 बजे IST से नवमी। नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, दोपहर 3:38 बजे IST तक। योग: धृति। सुबह का करण: बव।

मुख्य स्थानीय समय DivyaPanchang की तारीखवार Lahiri सूची से हैं। दिल्ली, जयपुर, मुंबई और कोलकाता का विवरण अलग पढ़ें। दूसरे शहरों और विदेश के लिए अपने स्थान का पंचांग देखें। यह 19 अक्टूबर का सुरक्षित तारीखवार अंक है; पुराने अंक अगली तारीख का विकल्प नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

19 अक्टूबर 2026 को सुबह अष्टमी है या नवमी?

मुख्य स्रोत DivyaPanchang में सुबह अष्टमी 10:52 बजे IST तक है, फिर नवमी। Drik Panchang में समाप्ति 10:51 बजे मिली; विशेष पूजा में अपनी स्थानीय परंपरा की पुष्टि करें।

क्या दिल्ली का राहुकाल जयपुर या मुंबई पर लागू है?

नहीं। इस अंक में चार शहरों के स्थानीय सूर्योदय और राहुकाल अलग हैं। अपना शहर चुनकर पढ़ें।

क्या कन्या पूजन के तुरंत बाद पूरा नवरात्र व्रत खोल सकते हैं?

पारण आपके व्रत-संकल्प और परंपरा पर निर्भर है। कन्या पूजन का समय अकेले पूरे व्रत के समापन का नियम नहीं है।

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स्रोत और जानकारी की जाँच

समीक्षा: 19 अक्टूबर 2026। मुख्य समय-सूची DivyaPanchang के इसी तारीख के चार शहरों के पन्नों और उसकी बताई Lahiri गणना पर आधारित है। Drik Panchang से उपलब्ध तिथि, नक्षत्र और उत्सव विवरण जाँचे गए। तिथि तथा कुछ स्थानीय समयों में लगभग 1 मिनट का मतभेद नीचे बताया है; स्रोतों को मिलाकर नई समय-सूची नहीं बनाई गई है। सभी समय IST में हैं। शुभ-अशुभ व्याख्या धार्मिक परंपरा है, परिणाम की गारंटी नहीं।