
मुख्य बातें
- सुबह की तिथि और दिन में शुरू होने वाली तिथि का फर्क समझें।
- अपने शहर के सूर्योदय, राहुकाल और अभिजित मुहूर्त देखें।
- सभी समय IST में हैं; शुभ-अशुभ व्याख्या धार्मिक परंपरा है।
एक नागरिक तारीख आधी रात से बदलती है, जबकि तिथि दिन के किसी भी समय बदल सकती है। इसलिए ‘आज सप्तमी है’ और ‘आज अष्टमी शुरू होगी’—दोनों बातें साथ सही हो सकती हैं। पूजा के लिए यह देखना जरूरी है कि संबंधित परंपरा किस समय की तिथि को महत्व देती है।
इस अंक के लिए चुने DivyaPanchang में 18 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल सप्तमी सुबह 8:28 बजे तक दी गई है; उसके बाद अष्टमी है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 12:48 बजे तक है, फिर उत्तराषाढ़ा। योग सुकर्म और सुबह का करण वणिज बताया गया है। ये समय IST में हैं।
दृक पंचांग के उपलब्ध विवरण में इसी बदलाव के समय क्रमशः 8:27 और 12:49 बजे मिले। नीचे की मुख्य समय-सूची में एक ही गणना-स्रोत के समय रखे हैं। विशेष पूजा के लिए आपके परिवार या मंदिर का स्थानीय पंचांग निर्णायक मानें।
दिल्ली में आज के मुख्य समय
नई दिल्ली के लिए सूर्योदय सुबह 6:23 बजे और सूर्यास्त शाम 5:48 बजे है। राहुकाल शाम 4:23 से 5:48 बजे तक बताया गया है। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 बजे तक है।
यह दिल्ली का विवरण है। दूसरे शहर के पाठक नीचे अपने शहर का समय देखें। राहुकाल को लेकर नए शुभ कार्य की शुरुआत से बचने की धारणा धार्मिक परंपरा है; इससे जरूरी दैनिक काम रोकने या किसी परिणाम की निश्चित भविष्यवाणी करने का अर्थ न निकालें।
जयपुर, मुंबई और कोलकाता के समय
जयपुर: सूर्योदय सुबह 6:27 बजे, सूर्यास्त शाम 5:55 बजे। राहुकाल शाम 4:29 से 5:55 बजे तक; अभिजित मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 बजे तक।
मुंबई: सूर्योदय सुबह 6:33 बजे, सूर्यास्त शाम 6:13 बजे। राहुकाल शाम 4:46 से 6:13 बजे तक; अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:46 बजे तक।
कोलकाता: सूर्योदय सुबह 5:34 बजे, सूर्यास्त शाम 5:09 बजे। राहुकाल दोपहर बाद 3:42 से शाम 5:09 बजे तक; अभिजित मुहूर्त सुबह 10:58 से 11:44 बजे तक।
चारों शहरों का समय IST में होने पर भी सूर्योदय एक साथ नहीं होता। इसलिए दिल्ली की सूची का वही समय हर जगह लागू नहीं कर सकते। शहर के भीतर चुने स्थान और पंचांग की पद्धति से भी थोड़ा अंतर संभव है।
नवरात्र की पूजा की योजना कैसे बनाएँ?
शारदीय नवरात्र के बीच तिथि का बदलाव विशेष महत्व रखता है। लेकिन अष्टमी शुरू होने का क्षण और किसी परंपरा में अष्टमी का अनुष्ठान मनाने की तारीख जरूरी नहीं कि एक ही बात हों। कन्या पूजन या कोई विशेष अनुष्ठान तय करने से पहले अपनी परंपरा का तिथि-निर्णय पूछ लें।
सामान्य सूची में दिया अभिजित मुहूर्त किसी खास संस्कार, विवाह या गृहप्रवेश का अपने-आप तय मुहूर्त नहीं है। ऐसे कामों में अतिरिक्त नियम देखे जाते हैं। इसी तरह ‘सुकर्म योग’ का नाम आने से भाग्य बदलने या हर काम सफल होने की गारंटी नहीं बनती।
आज के पंचांग को पढ़ने का आसान तरीका
पहले अंक की तारीख मिलाएँ। फिर अपना शहर चुनें और समय में सुबह, दोपहर तथा शाम का फर्क देखें। तिथि समाप्त होने का समय पढ़कर यह भी समझें कि उसके बाद कौन-सी तिथि है। कोई समय अगले दिन का हो तो उसकी तारीख अलग से देखना जरूरी है।
अगर आप इन चार शहरों से बाहर हैं तो निकटतम शहर का समय बिल्कुल सही मानकर न चलें। अपने स्थान का पंचांग देखें। विदेश में रहने वाले पाठकों को स्थानीय तारीख और timezone के अनुसार जानकारी चाहिए; IST को सीधे अपनी घड़ी का समय न मानें।
एक नज़र में
दिन: रविवार, 18 अक्टूबर 2026। मुख्य बात: सुबह सप्तमी, उसके बाद अष्टमी। सूची में शामिल शहर: नई दिल्ली, जयपुर, मुंबई और कोलकाता। समय: IST, तारीखवार स्रोतों के अनुसार।
यह RouteTales India के दैनिक पंचांग का पहला अंक है। पुराने अंक संदर्भ के लिए सुरक्षित रहेंगे; अगले दिन की पूजा या राहुकाल के लिए नई तारीख वाला अंक खोलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दिल्ली का राहुकाल पूरे भारत में एक जैसा है?
नहीं। स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से जुड़ी अवधि शहर के अनुसार बदलती है। अपने शहर का विवरण देखें।
क्या आज का यह पंचांग कल भी काम आएगा?
यह 18 अक्टूबर 2026 का अंक है। अगले दिन तिथि और समय बदल सकते हैं; नई तारीख का पंचांग पढ़ें।
क्या शुभ योग किसी अच्छे परिणाम की गारंटी है?
नहीं। शुभ-अशुभ योग की व्याख्या धार्मिक और ज्योतिषीय परंपरा का हिस्सा है; इसे निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं बताया गया है।
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स्रोत और जानकारी की जाँच
समीक्षा: 18 अक्टूबर 2026। इस अंक की मुख्य समय-सूची DivyaPanchang के चार शहरों के तारीखवार पन्नों और उसकी बताई Lahiri गणना पर आधारित है। Drik Panchang के उपलब्ध स्थानवार विवरण से भी जाँच की गई; कुछ समयों में लगभग 1–2 मिनट का अंतर मिला। अलग गणना-पद्धति या स्थान से समय बदल सकता है। यह इसी तारीख का अंक है; दूसरे दिन या किसी अन्य शहर पर इसके समय लागू न करें। शुभ-अशुभ व्याख्या धार्मिक परंपरा है, परिणाम की गारंटी नहीं।
- DivyaPanchang · 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली; मुख्य समय-सूची
- DivyaPanchang · 18 अक्टूबर 2026 · जयपुर
- DivyaPanchang · 18 अक्टूबर 2026 · मुंबई
- DivyaPanchang · 18 अक्टूबर 2026 · कोलकाता
- Drik Panchang · कोलकाता; जाँच में 18 अक्टूबर का स्थानवार विवरण मिला; link खोलकर तारीख जाँचें
- Drik Panchang · मुंबई; जाँच में 18 अक्टूबर का स्थानवार विवरण मिला; link खोलकर तारीख जाँचें