
मुख्य बातें
- आयोजन उज्जैन दीपोत्सव / आशीर्वाद का दीया
- तारीख 17 September 2026
- मुख्य समय शाम लगभग 7:00 बजे
आज 17 सितंबर 2026 को उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों और श्री महाकाल महालोक में 25 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी है। मुख्य दीप-प्रज्ज्वलन का समय शाम लगभग 7 बजे बताया गया है। रामघाट कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र है, लेकिन आयोजन केवल एक घाट तक सीमित नहीं है।
17 सितंबर सुबह के recheck में कार्यक्रम रद्द होने या 7 बजे का समय बदलने की कोई reliable सूचना नहीं मिली। सुरक्षा और traffic व्यवस्था बढ़ाई गई है; sector entry और exit on-ground pass तथा police instructions पर निर्भर रह सकते हैं।
यह दीपोत्सव क्यों आयोजित हो रहा है?
कार्यक्रम मध्य प्रदेश के सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। News On AIR के अनुसार इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और जनसेवा/सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़ा गया है। राज्य ने अभियान को जनभागीदारी, जनसेवा, सुशासन और स्वच्छता के संदेश के रूप में प्रस्तुत किया है।
उज्जैन दीपोत्सव 2026 आज कितने बजे है?
यह published programme time है। सुरक्षा जांच, walking और crowd buffer के लिए पहले पहुँचें।
मुख्य अतिथियों के लगभग 6:45 बजे रामघाट पहुँचने और रात 8 बजे भजन संध्या की reporting भी आई है। Visitor planning के लिए 7 बजे को lamp-lighting anchor मानें, लेकिन minute-to-minute stage sequence बदल सकता है।
25 लाख दीप कहाँ जलाए जाएंगे?
आयोजन को सात बड़े sectors और लगभग 250 sub-sectors में बाँटा गया है। Published sector plan के अनुसार दीप इन stretches में लगाए जा रहे हैं:
- केदारेश्वर घाट से दत्त अखाड़ा होते हुए गुरु नानक घाट
- सुनहरी घाट से रामघाट होते हुए नरसिंह घाट bridge
- नरसिंह घाट bridge से कर्कराज मंदिर
- माली कैफे से भूखी माता
- भूखी माता से लालपुल
- लालपुल से गऊघाट
- कर्कराज मंदिर से लालपुल
इसके साथ श्री महाकाल महालोक भी दीपोत्सव योजना का हिस्सा है। इसलिए इसे single-stage programme न समझें।
मुख्य कार्यक्रम कहाँ होगा?
रामघाट को मुख्य कार्यक्रम क्षेत्र के रूप में सबसे अधिक प्रमुखता मिली है। अगर आपका उद्देश्य मुख्य समारोह, शिप्रा आरती और दीपों का central atmosphere देखना है, तो Ram Ghat–Shipra belt सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।
भीड़ नियंत्रण के कारण हर व्यक्ति को stage या किसी चुने हुए sector तक सीधी पहुँच मिले, यह मानकर न चलें। Barricade, pass और police direction अंतिम होंगे।
महाकाल लोक में भी जलेंगे दीप
News On AIR ने महाकाल लोक को शिप्रा घाटों के साथ आयोजन क्षेत्र में शामिल बताया है। Mahakaleshwar दर्शन करने वाले श्रद्धालु Mahakal Lok और शाम के Deepotsav को एक ही दिन plan कर सकते हैं, लेकिन दोनों स्थान बहुत कम समय में cover करने की कोशिश न करें।
Mahakal darshan पहले रखें, फिर पर्याप्त buffer के साथ Mahakal Lok या Ramghat side जाएँ।
25 लाख दीप कैसे जलाए जाएंगे?
Local administration-linked reporting में करीब 11,000 blocks और हर block में 225 दीप रखने की योजना बताई गई है। Volunteers को block-wise दीप जलाने की जिम्मेदारी दी गई है। अलग reports में volunteers की कुल संख्या अलग है, इसलिए RouteTales एक figure को final official count नहीं मान रहा।
सुरक्षित verified point यह है कि यह बड़े scale का coordinated public दीप-प्रज्ज्वलन है, जिसमें sector और sub-sector व्यवस्था बनाई गई है।
क्या यह महाशिवरात्रि वाला शिव ज्योति अर्पणम् है?
नहीं। उज्जैन में पहले भी बड़े दीप-प्रज्ज्वलन कार्यक्रम हुए हैं, लेकिन 17 सितंबर 2026 का आयोजन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अलग programme है। इसे पुराने Mahashivratri Deepotsav या नियमित temple ritual न समझें।
दीपोत्सव देखने कितने बजे पहुँचना चाहिए?
मुख्य समय शाम 7 बजे है। Crowd, security check और walking को देखते हुए 5:30–6:00 PM तक आयोजन क्षेत्र की ओर पहुँचना practical हो सकता है। यह official reporting time नहीं, RouteTales का planning buffer है।
- Mahakal दर्शन को दीपोत्सव से ठीक पहले tightly schedule न करें।
- Sector gate पर pass/checking की संभावना के लिए extra time रखें।
- परिवार को पहले से meeting point बताएं।
Entry, security और भीड़ व्यवस्था
17 September morning reporting के अनुसार 3,000 से अधिक police personnel और लगभग 450 traffic personnel की deployment बताई गई है। आयोजन क्षेत्र के लिए अलग entry और exit routes तथा sector-wise access बनाया गया है।
Pass-controlled sector में बिना अनुमति प्रवेश की कोशिश न करें और barricade पार न करें।
Parking और traffic diversion की क्या स्थिति है?
आज सुबह तक RouteTales को named public parking lots और हर diversion वाला एक साफ official public map नहीं मिला। Latest reporting में शहर के मुख्य approach roads पर peripheral parking points तैयार रखने और traffic personnel तैनात करने की बात है, लेकिन exact lot name/capacity publish नहीं की गई।
इसलिए पुराने Simhastha/Mahashivratri maps या WhatsApp forward को आज का route न मानें। Ujjain Police, district administration और local signage को priority दें। संभव हो तो घाट के core area तक private car ले जाने के बजाय local transport और walking plan रखें।
अगर मौसम बदल जाए तो?
Open-ghat event होने के कारण local rain या ground instruction बदलने पर administration की घोषणा final होगी।
16 September की preparations में rain contingency का उल्लेख था। छाता/हल्का rain cover रखें, लेकिन तेज हवा या बारिश में घाट की सीढ़ियों और खुले दीपों के पास भीड़ न लगाएँ।
Zero-waste आयोजन की तैयारी
News On AIR और local preparation reports ने इसे zero-waste event के रूप में आयोजित करने की बात कही है। Waste collection, monitoring और event के बाद घाटों की सफाई के लिए teams लगाई गई हैं। श्रद्धालु plastic, bottles या food waste घाट पर न छोड़ें।
पहली बार जा रहे हैं तो 6 बातें याद रखें
- मुख्य दीप-प्रज्ज्वलन शाम लगभग 7 बजे है।
- Ramghat central है, लेकिन Shipra के सात sector और Mahakal Lok भी शामिल हैं।
- 5:30–6:00 PM तक पहुँचना crowd buffer के लिए practical है, official reporting time नहीं।
- Sector entry pass/checking और police direction पर निर्भर हो सकती है।
- Named parking map verify किए बिना private car लेकर core घाट area पर निर्भर न रहें।
- Mahakal darshan और Deepotsav के बीच पर्याप्त buffer रखें।
RouteTales India सलाह
इसे केवल “25 लाख दीपों का record” देखने की दौड़ न बनाएं। शिप्रा घाट और महाकाल क्षेत्र का धार्मिक वातावरण इस शाम की पहचान है। भीड़ में धक्का-मुक्की से बचें, घाटों की स्वच्छता रखें और access/parking के लिए current police instructions follow करें।
महाकाल दर्शन planning के लिए Mahakaleshwar Darshan Guide, शहर की यात्रा के लिए Ujjain Yatra Guide और Indore से आने वालों के लिए Indore–Ujjain route guide देखें।
RouteTales India — एक यात्रा • एक कहानी • एक आस्था.
एक नज़र में
- आयोजन
- उज्जैन दीपोत्सव / आशीर्वाद का दीया
- तारीख
- 17 September 2026
- मुख्य समय
- शाम लगभग 7:00 बजे
- दीप
- 25 लाख से अधिक का लक्ष्य
- मुख्य क्षेत्र
- रामघाट, शिप्रा के सात sectors और महाकाल लोक
- व्यवस्था
- लगभग 250 sub-sectors; sector-wise entry/exit
- Parking map
- Named official public map verify नहीं हुआ
- Best planning
- पहले पहुँचें; local transport + walking रखें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उज्जैन में आज कितने दीप जलाए जाएंगे?
News On AIR और local reports के अनुसार 25 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य है।
दीपोत्सव कितने बजे शुरू होगा?
मुख्य दीप-प्रज्ज्वलन शाम लगभग 7 बजे बताया गया है।
दीप कहाँ जलेंगे?
शिप्रा के सात sector—रामघाट सहित—और श्री महाकाल महालोक में।
मुख्य कार्यक्रम कहाँ है?
रामघाट को central programme area के रूप में प्रमुखता मिली है।
क्या महाकाल लोक में भी दीप जलेंगे?
हाँ, Mahakal Lok आयोजन योजना का हिस्सा है।
क्या sector में सीधे प्रवेश मिलेगा?
Latest reporting sector-wise entry/exit और pass access की बात करती है। On-ground police direction final मानें।
Parking कहाँ मिलेगी?
Peripheral parking तैयार रखने की reporting है, लेकिन named official public map verify नहीं हुआ। Local police signage follow करें।
क्या आज Mahakal दर्शन भी कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन darshan और Deepotsav के बीच पर्याप्त समय रखें और tightly packed schedule न बनाएं।
Sources और verification note
समय, locations, sectors, zero-waste plan और 17 September की security deployment को publish से पहले recheck किया गया। Named official parking map उपलब्ध नहीं मिला, इसलिए कोई parking location invent नहीं की गई।
- News On AIR — 25 लाख से अधिक दीप, शिप्रा घाट और महाकाल लोक
- Avantika Mail — 7 sectors, 250 sub-sectors और शाम 7 बजे
- MP Breaking News — 17 September security और traffic deployment
Hero image note: RouteTales archive का authentic Mahakaleshwar temple view; current Deepotsav/lighting की live photograph नहीं।