
मुख्य बातें
- नई दिल्ली के जाँचे गए स्रोत पूरे व्रत का पारण 20 अक्टूबर बताते हैं।
- अष्टमी-नवमी पूजा, तिथि और व्रत-समापन अलग बातें हैं।
- समय स्रोत और स्थान के साथ पढ़ें; अपनी परंपरा की पुष्टि करें।
कन्या पूजन देवी-उपासना का अनुष्ठान है। पारण का अर्थ व्रत समाप्त करना है। दोनों का संबंध हो सकता है, लेकिन किसी परिवार में पूजन पूरा होते ही भोजन करने की प्रथा देखकर उसे हर तरह के नवरात्र व्रत का नियम नहीं मान लेना चाहिए।
AstroSage की पारण-व्याख्या में नवमी और दशमी को लेकर मतभेद का उल्लेख है और दशमी को पारण करने वाला मत बताया गया है। इसलिए पहले यह देखें कि आपने पूरे नवरात्र का कौन-सा संकल्प लिया था। परिवार की चली आ रही विधि में संदेह हो तो अपने पुरोहित से उसी संकल्प का संदर्भ देकर पूछें।
2026 में अष्टमी और नवमी का हिसाब क्या है?
Drik Panchang के नई दिल्ली विवरण में अष्टमी तिथि रविवार, 18 अक्टूबर की सुबह 8:27 बजे शुरू होकर सोमवार, 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे तक है। महाष्टमी पूजा की तारीख वहाँ 19 अक्टूबर दी गई है। तिथि शुरू होने और पर्व मनाने की तारीख अलग दिख सकती है।
इसी स्रोत में नवमी तिथि 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे से 20 अक्टूबर की दोपहर 12:50 बजे तक दी है। उसके महानवमी पन्ने पर पूजा 19 अक्टूबर लिखी है। स्रोत यह भी समझाता है कि कुछ तिथि-संयोगों में अष्टमी और नवमी की पूजा एक ही दिन होती है। इसलिए केवल ‘नवमी अगले दिन तक है’ पढ़कर हर अनुष्ठान की तारीख अपने-आप बदलना सही निष्कर्ष नहीं होगा।
ये नई दिल्ली के चुने हुए पंचांग का विवरण हैं। अपने मंदिर या परिवार के अलग तिथि-निर्णय को गलत घोषित करने के लिए इस सूची का इस्तेमाल न करें।
पूरे व्रत का पारण 20 अक्टूबर: समय किसका मानें?
Drik Panchang के नई दिल्ली महानवमी पन्ने पर आश्विन नवरात्र पारण मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 दिया है। AstroSage भी नई दिल्ली के लिए यही तारीख देता है और पारण का समय दोपहर 12:52:03 के बाद बताता है। यह समय उसी स्रोत और स्थान का है।
ऊपर दिया 12:50 बजे का समय Drik Panchang में नवमी तिथि समाप्त होने का है। 12:52:03 AstroSage का प्रकाशित पारण समय है। दोनों को मिलाकर कोई नया मुहूर्त न बनाएँ। आप जिस पंचांग और व्रत-विधि का पालन करते हैं, उसी के अनुसार समय की पुष्टि करें।
किसी रिश्तेदार को जानकारी भेजते समय तारीख के साथ ‘नई दिल्ली, IST’ भी लिखें। विदेश में रहने वाले पाठक अपने शहर का पंचांग देखें; दिल्ली का समय अपनी स्थानीय घड़ी पर सीधे लागू न करें।
पारण की तैयारी कैसे रखें?
घर की तैयारी में सबसे पहले पूजा और पारण का दिन तय कर लें। फिर अपनी विधि के अनुसार देवी-पूजन, भोग, आरती और जिन अनुष्ठानों का संकल्प लिया है, उनका क्रम पूछकर रखें। पूरे परिवार को पहले से पता होगा तो अंतिम समय पर अलग-अलग संदेश पढ़कर उलझन कम होगी।
AstroSage की व्याख्या में पूजा के साथ दान-दक्षिणा और कन्या पूजन का भी उल्लेख है। आप अपने परिवार की परंपरा के अनुसार प्रसाद, भोजन और यथाशक्ति भेंट की व्यवस्था कर सकते हैं। किसी सूची में महँगी सामग्री देखकर उसे व्रत पूरा होने की अनिवार्य शर्त न मानें।
पारण का तय समय आने पर अपनी विधि के अनुसार प्रसाद ग्रहण कर व्रत समाप्त करें। यदि कलश-स्थापना की है तो उसके समापन या विसर्जन का क्रम भी पहले पूछ लें। यहाँ दिया सामान्य परिचय किसी विशेष संप्रदाय की पूरी अनुष्ठान-पद्धति का विकल्प नहीं है।
घर में तारीख पर दो राय हों तो क्या पूछें?
सिर्फ ‘अष्टमी को खोलें या नवमी को?’ पूछने के बजाय तीन बातें साथ बताइए—आपने किस तरह का व्रत लिया है, कौन-सा पारिवारिक नियम मानते हैं और किस शहर में हैं। तब मिलने वाला उत्तर आपकी स्थिति के ज्यादा करीब होगा।
फोन पर दिख रही तारीख, पूजा का दिन और तिथि समाप्त होने का समय तीन अलग जानकारियाँ हैं। इस बार तैयारी का सबसे उपयोगी काम इन्हें साफ कर लेना है। कन्या पूजन की व्यवस्था और अपने व्रत के पारण का निर्णय अलग-अलग स्पष्ट कर लेंगे तो सुबह की भागदौड़ में भी मन शांत रहेगा।
एक नज़र में
विषय: पूरे शारदीय नवरात्र व्रत का पारण। जाँचे गए स्थान का नाम: नई दिल्ली। समय-क्षेत्र: IST।
फैसला लेने से पहले अपना व्रत-संकल्प, परिवार की विधि और स्थानीय पंचांग मिलाएँ। ऊपर पूजा की तारीख और पारण का समय अलग-अलग स्रोत के नाम के साथ पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शारदीय नवरात्रि 2026 का पारण कब है?
नई दिल्ली के लिए जाँचे गए Drik Panchang और AstroSage में 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार दिया है। अपने व्रत-संकल्प और स्थानीय परंपरा की पुष्टि करें।
नई दिल्ली में पारण का समय क्या दिया गया है?
AstroSage में 20 अक्टूबर को दोपहर 12:52:03 के बाद, IST दिया है। यह उसी स्रोत का नई दिल्ली वाला समय है; इसे सभी स्थानों के लिए एक जैसा न मानें।
क्या कन्या पूजन करते ही हर व्यक्ति व्रत खोल सकता है?
कन्या पूजन होने से हर तरह के व्रत का पारण अपने-आप तय नहीं हो जाता। अपने संकल्प और परिवार की पूजा-पद्धति के अनुसार निर्णय करें।
आगे पढ़ें
स्रोत और जानकारी की जाँच
समीक्षा: 18 अक्टूबर 2026। तारीख और समय Drik Panchang तथा AstroSage के नई दिल्ली वाले पन्नों से जाँचे गए हैं। सभी घड़ी के समय IST में हैं और स्रोत के नाम के साथ दिए हैं। पारण के धार्मिक नियमों में परंपरा का अंतर है; अपने व्रत-संकल्प और स्थानीय पंचांग के अनुसार निर्णय करें। यह लेख हर परिवार के लिए एक अनिवार्य विधि घोषित नहीं करता।