मनसा देवी चोला बुकिंग 2026: 29 सितंबर से ऑनलाइन तरीका, फीस और यात्रा

पंचकूला के श्री माता मनसा देवी पूजास्थल बोर्ड के अधीन मंदिरों में चोला अर्पित करने की ऑनलाइन बुकिंग 29 सितंबर 2026, मंगलवार सुबह 10 बजे से खुलेगी। बोर्ड के वर्तमान नोटिस के अनुसार अर्पण की अवधि 2 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 तक है। बुकिंग खुलने का दिन और आपके चोला अर्पित करने का दिन अलग हैं।

पंचकूला श्री माता मनसा देवी मंदिर परिसर का बाहरी दृश्य
पंचकूला का श्री माता मनसा देवी मंदिर। संग्रहित तस्वीर: 18 फरवरी 2017; यह वर्तमान बुकिंग या भीड़ का दृश्य नहीं है। फोटो: Aerorahulraj / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0। आकार घटाकर WebP में बदला गया; संशोधित चित्र इसी लाइसेंस के अंतर्गत है।

मुख्य बातें

  • 29 सितंबर सुबह 10 बजे से आप उपलब्ध तारीख के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
  • 25 सितंबर की अमर उजाला रिपोर्ट में बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक आर्या के हवाले से पहले आओ–पहले पाओ व्यवस्था बताई गई है।
  • चोला अर्थात वस्त्र अर्पित करना माता की सेवा और भक्ति से जुड़ी परंपरा है।

29 सितंबर को क्या बुक होगा?

29 सितंबर सुबह 10 बजे से आप उपलब्ध तारीख के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। चोला चुने गए मंदिर में आपकी पुष्ट तारीख पर अर्पित होगा, जो 2 अक्टूबर–15 नवंबर की घोषित अवधि के भीतर होगी। अभी बुकिंग खुल चुकी है, ऐसा न समझें।

25 सितंबर की अमर उजाला रिपोर्ट में बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक आर्या के हवाले से पहले आओ–पहले पाओ व्यवस्था बताई गई है। अपनी पसंद की तारीख चाहिए तो खुलने के समय तैयार रहें, लेकिन स्लॉट मिलने की गारंटी न मानें। पुराने फरवरी–अप्रैल वाले नोटिस को इस चक्र पर लागू न करें।

चोला अर्पित करने की परंपरा

चोला अर्थात वस्त्र अर्पित करना माता की सेवा और भक्ति से जुड़ी परंपरा है। मनोकामना से संबंधित विश्वास को श्रद्धा के रूप में समझें, किसी निश्चित परिणाम या विशेष शुल्क के बदले फल मिलने की गारंटी के रूप में नहीं।

बोर्ड के इतिहास-विवरण के अनुसार मुख्य मंदिर का निर्माण मनीमाजरा के महाराजा गोपाल सिंह ने 1811–1815 में कराया। पास का पटियाला मंदिर 1840 में महाराजा करम सिंह से जुड़ा बताया गया है। मंदिर का इतिहास और उससे संबंधित धार्मिक कथाएँ अलग संदर्भ हैं।

किन पाँच मंदिरों के लिए यह सुविधा है?

बोर्ड अधिकारी के हवाले वाली रिपोर्ट में श्री माता मनसा देवी मुख्य मंदिर, पटियाला मंदिर और सती मंदिर के साथ श्री काली माता मंदिर, कालका तथा श्री चंडीमाता मंदिर, चंडीमंदिर का नाम दिया गया है। उपलब्ध विकल्प बुकिंग स्क्रीन पर दोबारा देखें।

नाम मिलते-जुलते होने के कारण स्थान ध्यान से चुनें। यह पंचकूला और बोर्ड के अधीन बताए गए मंदिरों की व्यवस्था है; हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर की बुकिंग नहीं। कालका या चंडीमंदिर की तारीख चुनने पर केवल पंचकूला मुख्य परिसर तक की यात्रा तय करना पर्याप्त नहीं होगा।

चोला बुकिंग फीस कितनी है?

बोर्ड के Facilitation Charges पृष्ठ पर मनसा देवी बोर्ड के अंतर्गत चोला बुकिंग ₹1,100 और काली माता मंदिर की चोला बुकिंग ₹500 दर्ज है। ये चोला बुकिंग की दरें हैं, इन्हें सामान्य दर्शन का अनिवार्य टिकट न समझें।

पटियाला, सती और चंडीमाता के लिए अलग चोला-शुल्क इस प्रकाशित तालिका में स्पष्ट नहीं मिला। इनके लिए अनुमान लगाने के बजाय चुनी हुई सेवा की अंतिम राशि पोर्टल पर देखें। चोला-सामग्री और दूसरी सेवाओं में क्या शामिल है, भुगतान से पहले स्पष्ट कर लें।

ऑनलाइन बुकिंग करने का तरीका

सबसे पहले mansadevi.org.in खोलें और Online Chola Booking चुनें। आधिकारिक Online Services पृष्ठ से Chola Booking लिंक लॉगिन स्क्रीन पर ले जाता है। मौजूदा खाते से लॉगिन करें; नया खाता बनाने के लिए New User? Sign Up विकल्प दिया गया है।

29 सितंबर सुबह 10 बजे बुकिंग खुलने के बाद उपलब्ध मंदिर और तारीख देखें। अपना विवरण सावधानी से भरें और भुगतान से पहले मंदिर का नाम, अर्पण की तारीख, सेवा और राशि मिलाएँ। बुकिंग पूरी होने पर पुष्टि-पत्र और भुगतान का विवरण सुरक्षित रखें।

यह सार्वजनिक पृष्ठों के आधार पर बताया गया सामान्य क्रम है; हमने लॉगिन के भीतर भुगतान या स्लॉट बुक नहीं किया है। दैनिक स्लॉट संख्या, जरूरी दस्तावेज और रिफंड की शर्तें जब तक स्क्रीन पर स्पष्ट न हों, उन्हें मानकर न चलें।

पोर्टल पर Firefox में Online Donation और Chola Booking बेहतर चलने का नोट है। दूसरे ब्राउज़र में समस्या हो तो इसे आजमा सकते हैं। भुगतान अटकने पर तुरंत बार-बार भुगतान करने के बजाय खाते और बैंक की स्थिति जाँचें तथा बोर्ड की सहायता लें।

मदद और सुरक्षित भुगतान

ऑनलाइन बुकिंग संबंधी जानकारी के लिए बोर्ड ने 0172-2920988 नंबर और सुबह 9 से शाम 5 बजे का समय दिया है। ईमेल jaimansadevimaa@gmail.com है। खाते, तारीख या भुगतान में अस्पष्टता हो तो इन्हीं आधिकारिक संपर्कों से पूछें।

वेबसाइट का पता स्वयं टाइप करना बेहतर है। किसी अनजान संदेश के ‘गारंटीड स्लॉट’ या निजी UPI पर भुगतान के बदले बुकिंग कराने के आश्वासन पर भरोसा न करें। भुगतान की शुरुआत आधिकारिक पोर्टल से ही करें और उसी के भीतर खुले वैध payment gateway पर विवरण मिलाएँ।

चंडीगढ़ से पंचकूला मनसा देवी कैसे पहुँचें?

मंदिर हरियाणा के पंचकूला में शिवालिक तलहटी में है। रेल से आने वालों के लिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन उपयोगी विकल्प है। पंचकूला जिला प्रशासन मंदिर से इसकी दूरी लगभग 8 किलोमीटर बताता है; बोर्ड का यात्रा-पृष्ठ भी लगभग 8.1 किलोमीटर देता है। स्टेशन से आगे स्थानीय वाहन की योजना रखें।

हवाई यात्रा के लिए शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चंडीगढ़ देखें। जिला प्रशासन का मंदिर-पृष्ठ एयरपोर्ट से लगभग 31 किलोमीटर बताता है, जबकि बोर्ड के अन्य पृष्ठों पर 16–17.1 किलोमीटर लिखा है। इस अंतर के कारण पुरानी छोटी दूरी के भरोसे समय न रखें; अपने वास्तविक टर्मिनल से मंदिर तक सड़क-मार्ग जाँचें।

बस से आने पर उतरने वाला बस अड्डा स्पष्ट रखें। बोर्ड के यात्रा-पृष्ठ में पंचकूला बस स्टैंड से लगभग 5 किलोमीटर का उल्लेख है। चंडीगढ़ के बस अड्डे को केवल एक सामान्य नाम समझकर निश्चित दूरी तय न करें; टिकट पर दिए स्थान से आगे का रास्ता देखें।

यदि आपकी बुकिंग कालका के काली माता मंदिर या चंडीमंदिर के लिए है, तो वाहन और नक्शे में वही गंतव्य चुनें। पाँच मंदिरों की सूची का मतलब यह नहीं कि सभी मुख्य मनसा देवी परिसर के भीतर हैं।

दर्शन, आरती और अर्पण का समय

बोर्ड की सामान्य प्रकाशित समय-सारणी में ग्रीष्मकालीन मंदिर समय सुबह 4 से रात 10 बजे और शीतकालीन समय सुबह 5 से रात 9 बजे है। भोग का समय रोज सुबह 11 से 11:15 बजे दिया गया है।

ग्रीष्मकाल की आरती सुबह 4:30–5 बजे और शाम 7–7:30 बजे; शीतकाल की आरती सुबह 5:30–6 बजे और शाम 6–6:30 बजे लिखी है। किस तारीख से शीतकालीन समय लागू होगा, इसकी स्पष्ट पुष्टि उपलब्ध पृष्ठ पर नहीं मिली।

अक्टूबर–नवंबर की यात्रा से पहले लागू समय दोबारा पूछें। चोला अर्पण के लिए आपकी बुकिंग पर दिए रिपोर्टिंग निर्देश सामान्य दर्शन या आरती के समय से अलग हो सकते हैं। मेले की विशेष व्यवस्था भी सामान्य समय-सारणी बदल सकती है।

परिवार, बुजुर्ग और ठहरने की तैयारी

बोर्ड के सुरक्षा-सुविधा पृष्ठ पर दिव्यांग श्रद्धालुओं, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए लिफ्ट तथा व्हीलचेयर का उल्लेख है। जरूरत हो तो पहुँचने से पहले सहायता की उपलब्धता और प्रवेश-बिंदु पूछ लें; हर मंदिर की व्यवस्था एक जैसी मानकर न चलें।

प्रकाशित शुल्क सूची में नॉन-एसी कमरे की बुकिंग ₹300 और एसी कमरे की ₹600 दी गई है। कमरे की उपलब्धता, ठहरने की अवधि तथा लागू शर्तें अलग से जाँचें। चोला बुकिंग होने से कमरे की बुकिंग अपने-आप नहीं होती।

नवरात्रि या छुट्टी की तारीख चुन रहे हों तो कतार, भोजन, विश्राम और वापसी का समय जोड़ें। यात्रा लचीली हो तो मेले के बाद की उपलब्ध तारीख भी देख सकते हैं, लेकिन किसी दिन को निश्चित रूप से खाली नहीं कहा जा सकता। पार्किंग का मौजूदा स्थान और शुल्क मौके पर या हेल्पलाइन से पूछें।

बुकिंग से पहले दो छोटे सवाल

क्या 29 सितंबर को ही मंदिर जाना जरूरी है? यह ऑनलाइन बुकिंग खुलने का दिन है। यात्रा अपनी पुष्ट अर्पण-तारीख और बुकिंग के निर्देश के अनुसार तय करें।

क्या चोला बुकिंग से कमरे या सामान्य दर्शन की कतार में विशेष प्रवेश मिल जाएगा? उपलब्ध सूचना ऐसी संयुक्त सुविधा की पुष्टि नहीं करती। जिस सेवा की बुकिंग की है, उसी के लिखित विवरण पर भरोसा करें।

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स्रोत और जानकारी की जाँच

जानकारी की समीक्षा: 26 सितंबर 2026। बदलने वाले समय, शुल्क और प्रवेश व्यवस्था के लिए यात्रा से पहले संबंधित आधिकारिक सूचना देखें। कथाओं को धार्मिक परंपरा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

आधिकारिक ऑनलाइन सेवाएँ · इस बुकिंग चक्र का आधिकारिक नोटिस