
मुख्य बातें
- स्थान जगदलपुर, जिला बस्तर, छत्तीसगढ़
- मुख्य परंपरा मां दंतेश्वरी और स्थानीय देवताओं का पर्व; रावण दहन नहीं
- रोज़ रथ परिक्रमा 13–18 अक्टूबर, स्थानीय कार्यक्रम
बस्तर दशहरा 2026 में आगे क्या-क्या होगा?
नीचे दशहरा समिति के कार्यक्रम की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट का तारीखवार सार है। घड़ी के समय को लेकर बेल पूजा की सुबह 11 बजे वाली सूचना और मुरिया दरबार का ‘दोपहर’ उल्लेख मिला है; बाकी रस्मों का निश्चित आरंभ समय इस जाँच में पुष्ट नहीं हुआ।
कार्यक्रम में पहले की तारीखें: पाट जात्रा 12 अगस्त, डेरी गड़ाई 24 सितंबर, काछनगादी 10 अक्टूबर, कलश स्थापना 11 अक्टूबर और जोगी बिठाई 12 अक्टूबर। ये निर्धारित कार्यक्रम की तारीखें हैं; हर रस्म के सम्पन्न होने का स्वतंत्र दावा नहीं।
| तारीख | रस्म / कार्यक्रम | समय और स्थिति |
|---|---|---|
| 14–18 अक्टूबर | नवरात्रि पूजा और रथ परिक्रमा | रोज़; घड़ी समय पुष्ट नहीं |
| 18 अक्टूबर, रविवार | बेल पूजा | सुबह 11 बजे, कार्यक्रम की रिपोर्ट |
| 19 अक्टूबर, सोमवार | महाअष्टमी पूजा और निशा जात्रा | निशा जात्रा रात का विधान; घड़ी समय नहीं |
| 20 अक्टूबर, मंगलवार | कुंवारी पूजा, जोगी उठाई, मावली परघाव | स्थानीय कार्यक्रम की रिपोर्ट |
| 21 अक्टूबर, बुधवार | भीतर रैनी और रथ परिक्रमा | स्थानीय कार्यक्रम; पर्यटन पन्ने पर 20 अक्टूबर |
| 22 अक्टूबर, गुरुवार | बाहर रैनी और रथ परिक्रमा | स्थानीय कार्यक्रम की रिपोर्ट |
| 23 अक्टूबर, शुक्रवार | काछन जात्रा; मुरिया दरबार | सुबह काछन जात्रा, दोपहर दरबार |
| 24 अक्टूबर, शनिवार | कुटुम्ब जात्रा | ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई |
| 27 अक्टूबर, मंगलवार | मावली माता की डोली विदाई | स्थानीय कार्यक्रम का समापन |
यहाँ रावण क्यों नहीं जलाया जाता?
सरकारी पर्यटन स्रोत-पुष्ट: Incredible India बस्तर दशहरा को मां दंतेश्वरी और स्थानीय देवी-देवताओं की परंपरा से जुड़ा पर्व बताता है, जहाँ रावण का पुतला नहीं जलाया जाता। इसकी विशेषता रथ, पूजा-विधान और समुदायों की भागीदारी है।
मान्यता / परंपरा: मां दंतेश्वरी, मावली माता और गाँवों के देवी-देवताओं का आगमन व स्वागत होता है। माझी, चालकी, पुजारी, पटेल और सेवादार जैसे पारंपरिक पदाधिकारी रस्मों में भूमिका निभाते हैं। रथ निर्माण और खींचने में स्थानीय समुदायों की भागीदारी होती है।
इसे दूसरे दशहरा उत्सवों को नकारने के रूप में न समझें; यह बस्तर की विशिष्ट देवी-केंद्रित परंपरा है। इतिहास की अलग-अलग प्रचलित उम्रों को यहाँ निर्विवाद तथ्य की तरह नहीं दिया गया है।
13–18 अक्टूबर: रोज़ की रथ परिक्रमा
स्थानीय कार्यक्रम की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 13–18 अक्टूबर रोज़ नवरात्रि पूजा और रथ परिक्रमा है। पारंपरिक फूल रथ, देवी के छत्र और स्थानीय लोगों के रथ खींचने की परंपरा का उल्लेख रिपोर्टों में मिलता है।
सिरहासार चौक से परिक्रमा शुरू होने की बात स्थानीय रिपोर्टों में है, लेकिन रोज़ का अंतिम मार्ग-नक्शा और घड़ी का समय स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हुआ। रथ की ऊँचाई के विरोधी आँकड़े इसलिए नहीं दिए गए हैं।
मौके पर समिति या पुलिस से दर्शक-स्थान पूछें। जल्दी पहुँचने का अर्थ सड़क या रथ-मार्ग में जगह घेरना नहीं है; बैरिकेड के पीछे रहें।
19 अक्टूबर: निशा जात्रा
स्थानीय कार्यक्रम में 19 अक्टूबर को महाअष्टमी पूजा विधान और निशा जात्रा निर्धारित है। इसे रात का पारंपरिक पूजा-विधान माना जाता है; ठीक आरंभ समय पुष्ट नहीं है।
कुछ परंपरागत विवरणों में पशुबलि का भी उल्लेख मिलता है। स्थानीय आस्था का सम्मान रखें और संवेदनशील पूजा-विधान का फोटो या वीडियो अनुमति लेकर ही लें। आम दर्शकों का प्रवेश, बैठने की जगह और बच्चों के साथ पहुँच की शर्तें पहले पूछें।
भीतर रैनी 2026: 20 या 21 अक्टूबर?
इस गाइड में भीतर रैनी के लिए 21 अक्टूबर 2026, बुधवार को स्थानीय कार्यक्रम की तारीख माना गया है। Vistaar News में विस्तृत कार्यक्रम यही है और DPR CG के खोज परिणाम में भी 21 अक्टूबर मिलता है।
स्रोत टकराव: Incredible India का सरकारी पर्यटन पन्ना 20 अक्टूबर 2026 को भीतर रैनी लिखता है। यह केवल किसी अनाम ब्लॉग की त्रुटि नहीं, दो सरकारी-संबंधित सूचनाओं के बीच वास्तविक अंतर है। आयोजन-विशिष्ट स्थानीय कार्यक्रम को प्राथमिकता दी गई है; केवल इसी रस्म के लिए यात्रा हो तो दशहरा समिति से तारीख दोबारा पक्की करें।
मान्यता / मीडिया विवरण: भीतर रैनी पर आठ पहियों वाला बड़ा विजय रथ चलता है। उसका सटीक संचालन समय और दर्शक-प्रवेश व्यवस्था इस जाँच में पुष्ट नहीं है।
22 अक्टूबर: बाहर रैनी
स्थानीय कार्यक्रम की रिपोर्ट में 22 अक्टूबर, गुरुवार को बाहर रैनी और रथ परिक्रमा है।
लोक परंपरा के विवरणों में भीतर रैनी की रात रथ को प्रतीकात्मक रूप से ‘चुराकर’ कुम्हड़ाकोट ले जाने और बाहर रैनी पर वापस लाने की रस्म है। ‘रथ चोरी’ यहाँ उत्सव की रस्म का नाम है, अपराध की सूचना नहीं।
कुम्हड़ाकोट की दूरी, आने-जाने का निश्चित समय और दर्शकों का मार्ग पुष्ट नहीं है। रथ के पीछे किसी अनधिकृत मार्ग पर न निकलें।
23 अक्टूबर: मुरिया दरबार
स्थानीय कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर, शुक्रवार की सुबह काछन जात्रा के बाद दोपहर में मुरिया दरबार है।
सिरहासार भवन में होने वाली इस पारंपरिक सभा में माझी-चालकी जैसे जनप्रतिनिधियों द्वारा सामुदायिक समस्याएँ रखने का उल्लेख मीडिया में है। Incredible India भी इसे समुदाय और पारंपरिक नेतृत्व के संवाद का मंच बताता है।
आम पर्यटकों का प्रवेश स्वतः खुला न मानें। अनुमति, स्थान और समय स्थानीय आयोजकों से पूछें।
जगदलपुर में कौन-से रास्ते बंद हैं?
मीडिया रिपोर्ट (Haribhoomi, 10 अक्टूबर): यातायात पुलिस के हवाले से नीचे के आठ मार्गों/क्षेत्रों में रोज़ दोपहर 3 बजे से रात 12 बजे तक चारपहिया और भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित बताई गई है।
22 अक्टूबर तक लागू रहने की तारीख भी Haribhoomi की रिपोर्ट में है। DPR का मूल पन्ना इस जाँच में नहीं खुला; इसलिए न तो अंतिम तारीख और न पूरा आदेश first-party verified कहा गया है। मौके का नया पुलिस निर्देश प्राथमिक होगा।
इस सूची से दोपहिया या ऑटो को स्वतः प्रवेश की अनुमति न मानें। चारपहिया/भारी वाहन वाला नियम किसी अन्य वाहन के लिए खुला रास्ता होने का प्रमाण नहीं है।
| मार्ग / क्षेत्र | रिपोर्टेड प्रतिबंध |
|---|---|
| मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर के चारों ओर | चारपहिया/भारी वाहन; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक, मीडिया रिपोर्ट |
| संजय मार्केट से मिताली चौक | चारपहिया/भारी वाहन; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक, मीडिया रिपोर्ट |
| SBI चौक से गोल बाज़ार | चारपहिया/भारी वाहन; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक, मीडिया रिपोर्ट |
| MLB स्कूल से गोल बाज़ार | चारपहिया/भारी वाहन; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक, मीडिया रिपोर्ट |
| स्वर्गीय बलीराम कश्यप चौक से सिरहासार | चारपहिया/भारी वाहन; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक, मीडिया रिपोर्ट |
| दामोदर पेट्रोल पंप से दंतेश्वरी मंदिर | चारपहिया/भारी वाहन; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक, मीडिया रिपोर्ट |
| दुर्गा चौक से तिवारी बिल्डिंग | चारपहिया/भारी वाहन; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक, मीडिया रिपोर्ट |
| ठाकुर रोड गली से गोल बाज़ार | चारपहिया/भारी वाहन; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक, मीडिया रिपोर्ट |
कार से जाएँ तो पार्किंग कहाँ करें?
मीडिया रिपोर्ट: 13 अक्टूबर की अतुल्य भारत चेतना रिपोर्ट में सात पार्किंग स्थल बताए गए हैं। यह सूची केवल Veei News तक सीमित नहीं है, लेकिन पुलिस की मूल प्रकाशित पार्किंग सूची इस जाँच में नहीं मिली।
स्थल: DEO कार्यालय के बाजू में; बस्तर हाईस्कूल मैदान; पुराना बस स्टैंड; जैन मंदिर रोड पर प्रताप देव वार्ड पार्किंग; ठाकुर रोड पर अमृत होटल के सामने; बाफना लॉज गली का पुराना कोर्ट परिसर; दामोदर पेट्रोल पंप की तरफ बने स्थल।
कौन-सा स्थल किस दिशा या वाहन के लिए है, शुल्क, क्षमता और मंदिर तक पैदल दूरी पुष्ट नहीं हैं। इन नामों को लाइव उपलब्धता की गारंटी न समझें। यातायात कर्मी से पूछकर अधिकृत स्थान में ही पार्क करें।
दोपहर 3 बजे की रोक से पहले पहुँचना उपयोगी हो सकता है, लेकिन इससे प्रतिबंधित क्षेत्र में पार्क करने की अनुमति नहीं मिलती। रथ-मार्ग, मोड़ और सड़क किनारे गाड़ी छोड़कर न जाएँ।
भारी वाहनों का डायवर्जन
मीडिया रिपोर्ट (13 अक्टूबर): रायपुर, ओडिशा और जगदलपुर से दंतेवाड़ा जाने वाले भारी वाहनों के लिए आड़ावाल–तेलीमारेंगा बाईपास बताया गया है।
बीजापुर, दंतेवाड़ा और गीदम की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को गीदम पार सुरक्षित खाली जगह पर रोककर सुबह आगे भेजने और जगदलपुर/रायपुर से दंतेवाड़ा, बीजापुर व सुकमा जाने वालों को मारेंगा बाईपास के पास रोकने की बात रिपोर्ट में है।
शहर के भीतर रात में भारी मालवाहक बंद, यात्री बसें अपने निर्धारित मार्ग पर धीमी गति से और एम्बुलेंस/दमकल जैसी आपात सेवाओं को छूट बताई गई है। इन निर्देशों का मूल आदेश नहीं पढ़ सके; चालक पुलिस के निर्देश पर ही रुकें या मुड़ें, स्वयं सड़क किनारे पार्किंग न बनाएँ।
जगदलपुर कैसे पहुँचें?
रेल: Incredible India के आयोजन पन्ने पर जगदलपुर रेलवे स्टेशन दिया है। अपनी ट्रेन का वर्तमान संचालन और ठहराव NTES या IRCTC पर जाँचें; इस गाइड में कोई विशेष ट्रेन या निश्चित किराया घोषित नहीं किया गया है।
हवाई मार्ग: उसी सरकारी पन्ने पर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट दिया है। उड़ान चलने के दिन, कनेक्शन और सीटें एयरलाइन से देखें; एयरपोर्ट का होना रोज़ आपकी दिशा की उड़ान होने का प्रमाण नहीं है।
सड़क: बस या टैक्सी से आने पर पहले जगदलपुर तक का वर्तमान मार्ग और फिर शहर के भीतर उतरने का स्थान पूछें। यहाँ बिना पुष्टि यात्रा समय, किराया या निश्चित शहर-भीतर ऑटो रूट नहीं दिया गया है।
जगदलपुर का उत्सव-स्थल और दंतेवाड़ा का मां दंतेश्वरी मंदिर अलग स्थान हैं। होटल, नक्शा और टैक्सी बुक करते समय शहर का नाम स्पष्ट रखें। प्रतिबंधित क्षेत्र के पास पैदल चलना पड़ सकता है; ऑटो/ई-रिक्शा कहाँ तक जाएगा, मौके पर पूछें।
परिवार, बुज़ुर्ग और बच्चों के साथ योजना
पार्किंग से पैदल चलने की तैयारी रखें। बुज़ुर्ग या चलने में कठिनाई वाले सदस्य के लिए ड्रॉप-पॉइंट या सहायता की पुष्टि पहले करें; विशेष सुविधा उपलब्ध होने का दावा इस गाइड में नहीं है।
पानी, नियमित दवाइयाँ, चार्ज फ़ोन और पावर बैंक साथ रखें। बच्चे की जेब में अभिभावक का नंबर रखें और बिछड़ने पर मिलने की जगह पहले तय करें।
रथ के पहियों, रस्सियों और खींचने वाले दल से दूरी रखें। बिना आयोजक की अनुमति रस्सी पकड़ने या रथ के आगे जाने की कोशिश न करें।
वापसी में अतिरिक्त समय रखें। रिपोर्टेड रोक रात 12 बजे तक है, लेकिन उसी क्षण सभी रास्ते निश्चित खुल जाएंगे, ऐसा न मानें; भीड़ और पुलिस निर्देश निर्णायक हैं।
बस्तर दशहरा कितने दिन चलता है?
सरकारी पर्यटन पन्ना इसे लगभग 75 दिन की परंपरा बताता है। स्थानीय 2026 कार्यक्रम में पाट जात्रा 12 अगस्त और मावली माता की डोली की विदाई 27 अक्टूबर है।
संपादकीय स्पष्टता: 12 अगस्त से 27 अक्टूबर का कैलेंडर अंतर ठीक 75 दिन नहीं है—दोनों तारीखें शामिल करने पर 77 दिन होते हैं। इसलिए ‘लगभग 75 दिन का पारंपरिक पर्व’ और 2026 की रस्मवार तारीखें अलग-अलग समझें; अवधि को सटीक गणना बताकर न पढ़ें।
Incredible India के पन्ने का Date & Time खंड 20 अक्टूबर तक भी दिखता है, जबकि स्थानीय विस्तृत कार्यक्रम 27 अक्टूबर की डोली विदाई तक जाता है। यह दूसरा तारीख-अंतर भी बना हुआ है।
अभी कौन-सी जानकारी पुष्ट नहीं है?
रथ परिक्रमा, निशा जात्रा और भीतर-बाहर रैनी के निश्चित घड़ी समय तथा अंतिम मार्ग-नक्शा।
पुलिस की मूल पार्किंग सूची, शुल्क, वाहनवार आवंटन और पैदल दूरी; ट्रैफिक रोक की अंतिम तारीख की first-party पुष्टि।
मुरिया दरबार और निशा जात्रा में आम दर्शकों के प्रवेश की शर्तें।
DPR के पूरे पन्ने इस जाँच में उपलब्ध न होने और Incredible India से तारीख टकराने के कारण यात्रा से पहले दशहरा समिति/जिला प्रशासन से कार्यक्रम दोबारा जाँचें।
एक नज़र में
आधार: स्थानीय कार्यक्रम व ट्रैफिक की मीडिया रिपोर्टें; सरकारी पर्यटन पन्ने पर परंपरा की पुष्टि। अंतिम जाँच: 14 अक्टूबर 2026।
बात · जानकारी
स्थान · जगदलपुर, जिला बस्तर, छत्तीसगढ़
मुख्य परंपरा · मां दंतेश्वरी और स्थानीय देवताओं का पर्व; रावण दहन नहीं
रोज़ रथ परिक्रमा · 13–18 अक्टूबर, स्थानीय कार्यक्रम
निशा जात्रा · 19 अक्टूबर
भीतर / बाहर रैनी · 21 / 22 अक्टूबर; भीतर रैनी पर स्रोत टकराव
मुरिया दरबार · 23 अक्टूबर दोपहर
डोली विदाई · 27 अक्टूबर, स्थानीय कार्यक्रम
ट्रैफिक · आठ मार्ग; 15:00–24:00; 22 अक्टूबर तक मीडिया में
पार्किंग · सात स्थल मीडिया में; मूल सूची/शुल्क पुष्ट नहीं
Last checked · 14 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बस्तर दशहरा 2026 कब है?
स्थानीय कार्यक्रम की रिपोर्ट में 12 अगस्त को पाट जात्रा और 27 अक्टूबर को डोली विदाई है। प्रमुख अक्टूबर रस्में ऊपर दी गई हैं; सरकारी पर्यटन पन्ने की कुछ तारीखें अलग हैं।
बस्तर दशहरा में रावण क्यों नहीं जलाया जाता?
यह मां दंतेश्वरी, स्थानीय देवी-देवताओं और जनजातीय पूजा-परंपराओं पर केंद्रित पर्व है। सरकारी पर्यटन पन्ना भी यहाँ रावण दहन न होने का उल्लेख करता है।
रथ परिक्रमा कब तक है?
स्थानीय कार्यक्रम के अनुसार रोज़ की परिक्रमा 13–18 अक्टूबर है। 21 और 22 अक्टूबर को रैनी के साथ भी रथ परिक्रमा निर्धारित है।
भीतर रैनी 2026 की तारीख क्या है?
स्थानीय कार्यक्रम में 21 अक्टूबर, बुधवार है। Incredible India पर 20 अक्टूबर है; इस गाइड में स्थानीय कार्यक्रम को प्राथमिकता दी गई है। यात्रा से पहले समिति से पुष्टि करें।
बाहर रैनी कब है?
स्थानीय कार्यक्रम की रिपोर्ट के अनुसार 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार। निश्चित घड़ी समय पुष्ट नहीं है।
निशा जात्रा कब है?
स्थानीय कार्यक्रम में 19 अक्टूबर है। यह रात का पूजा-विधान है; निश्चित समय और आम दर्शकों का प्रवेश पुष्ट नहीं है।
मुरिया दरबार कब है?
स्थानीय कार्यक्रम में 23 अक्टूबर को सुबह काछन जात्रा के बाद दोपहर में है। प्रवेश की जानकारी आयोजकों से लें।
जगदलपुर में ट्रैफिक रोक कब तक है?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आठ मार्गों पर रोज़ दोपहर 3 बजे से रात 12 बजे तक, 22 अक्टूबर तक। मूल आदेश इस जाँच में नहीं पढ़ सके।
क्या दंतेश्वरी मंदिर के पास कार ले जा सकते हैं?
रिपोर्टेड रोक के समय मंदिर के आसपास प्रतिबंधित मार्गों पर कार न ले जाएँ। पुलिस से अधिकृत पार्किंग या ड्रॉप-पॉइंट पूछें।
पार्किंग कहाँ करें?
मीडिया में DEO कार्यालय के बाजू, बस्तर हाईस्कूल मैदान, पुराना बस स्टैंड, प्रताप देव वार्ड, अमृत होटल के सामने, पुराना कोर्ट परिसर और दामोदर पेट्रोल पंप की तरफ के स्थल हैं। मौके पर पुलिस से उपलब्धता और अनुमति पूछें।
रैनी देखने के लिए कौन-से दो दिन देखें?
स्थानीय कार्यक्रम में 21 और 22 अक्टूबर भीतर-बाहर रैनी और रथ परिक्रमा के दिन हैं। यह कार्यक्रम-आधारित सुझाव है, कम भीड़ या प्रवेश की गारंटी नहीं। तारीख पहले पक्की करें।
बस्तर दशहरा कितने दिन चलता है?
परंपरागत रूप से लगभग 75 दिन कहा जाता है। 2026 की रिपोर्टेड 12 अगस्त–27 अक्टूबर तारीखें दोनों दिन मिलाकर 77 कैलेंडर दिन बनती हैं; इसे ठीक 75 दिन की गणना न समझें।
आगे पढ़ें
स्रोत की स्थिति और 14 अक्टूबर की जाँच
सरकारी स्रोत-पुष्ट = सरकारी पन्ना इस जाँच में पढ़ा गया। मीडिया रिपोर्ट = समाचार में मिला, मूल आदेश स्वतंत्र रूप से नहीं पढ़ सके। मान्यता = धार्मिक या लोक परंपरा। UNCONFIRMED = अभी पुष्टि नहीं।
DPR CG के कार्यक्रम का खोज परिणाम मिला और उसमें भीतर रैनी 21 अक्टूबर दिखती है। लेकिन दिए गए कार्यक्रम और ट्रैफिक विज्ञप्ति के पन्ने प्रकाशन-पूर्व जाँच में 502 त्रुटि के कारण पूरे नहीं खुले। इसलिए इस पन्ने पर कार्यक्रम और ट्रैफिक को ‘DPR का पूरा आदेश हमने पढ़ा’ वाला VERIFIED लेबल नहीं दिया गया है। स्थानीय कार्यक्रम का विस्तृत पाठ Vistaar News में और ट्रैफिक विवरण Haribhoomi तथा अन्य रिपोर्टों में पढ़ा गया।
Incredible India का सरकारी पन्ना पढ़ा गया: वह रावण दहन न होने, देवी-केंद्रित परंपरा और लगभग 75 दिन की अवधि का उल्लेख करता है। उसी पन्ने की भीतर रैनी तारीख स्थानीय कार्यक्रम से अलग है—नीचे अंतर स्पष्ट है। बदलाव न मिलने को ‘कोई बदलाव हुआ ही नहीं’ न मानें; यात्रा से पहले स्थानीय समिति या प्रशासन से पुनः पुष्टि करें।
स्रोत और जानकारी की जाँच
जानकारी की समीक्षा: 14 अक्टूबर 2026। बदलने वाले समय, शुल्क और प्रवेश व्यवस्था के लिए यात्रा से पहले संबंधित आधिकारिक सूचना देखें। कथाओं को धार्मिक परंपरा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- Incredible India: सरकारी पर्यटन पन्ना; परंपरा और तारीख-अंतर
- DPR CG: कार्यक्रम का खोज-संदर्भ; पूरा पन्ना 14 अक्टूबर की जाँच में नहीं खुला
- DPR CG: दिया गया ट्रैफिक संदर्भ; जाँच में 502 त्रुटि
- Vistaar News: दशहरा समिति का विस्तृत स्थानीय कार्यक्रम
- Haribhoomi, 10 अक्टूबर: आठ मार्ग, समय और 22 अक्टूबर की अंतिम तारीख
- अतुल्य भारत चेतना, 13 अक्टूबर: सात पार्किंग और भारी वाहन व्यवस्था
- Naidunia: रथ परिक्रमा और रस्मों का स्थानीय विवरण
- ETV Bharat, 2025: भीतर-बाहर रैनी की परंपरा; 2026 समय का स्रोत नहीं
- Commons: 2017 फ़ाइल फ़ोटो, Mohit Kumar Montu, CC0
बस्तर जिला प्रशासन · Incredible India: बस्तर दशहरा · ट्रेन की वर्तमान स्थिति: NTES